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High-tech search operation: अब रांची पुलिस AI के जरिए सुलझाएगी लापता अंश-अंशिका की गुत्थी

रांची दर्पण डेस्क। High-tech search operation: धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी स्थित मल्लार कोचा से लापता नाबालिग भाई–बहन की तलाश अब रांची पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से करेगी। पारंपरिक सर्च अभियान, गुप्तचरों की सूचना, टेक्निकल टीम और एसआईटी की कोशिशों के बाद भी जब कोई ठोस सुराग नहीं मिला, तब पुलिस के वरीय अधिकारियों ने जांच को हाईटेक बनाने का फैसला लिया है। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग खुद एसएसपी और सिटी एसपी कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि 2 जनवरी की शाम करीब 4 बजे सात वर्षीय अंश कुमार अपनी छह वर्षीय बहन अंशिका कुमारी के साथ घर से पास की दुकान गया था। इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और तभी से पुलिस लगातार दोनों बच्चों की तलाश में जुटी है।

पिछले कई दिनों से पुलिस ने हर संभव एंगल से सर्च अभियान चलाया। तालाबों और कुओं की तलाशी ली गई, झाड़ियों और सुनसान इलाकों को खंगाला गया, यहां तक कि मौसीबाड़ी इलाके में रहने वाले शराबियों और नशा करने वालों का भी सत्यापन किया गया। कई घरों की तलाशी और संदिग्धों से पूछताछ के बावजूद कोई पुख्ता जानकारी हाथ नहीं लगी। इन तमाम प्रयासों के बाद अब पुलिस को उम्मीद है कि एआई तकनीक जांच को नई दिशा देगी।

एआई आधारित जांच के लिए पांच दरोगाओं की एक विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम टेक्निकल एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर संदिग्धों की पहचान करेगी। पुलिस के अनुसार, अब तक एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज को एआई सिस्टम में डाला जाएगा, जिससे इंसानी नजर से छूट जाने वाले छोटे-छोटे संकेत भी सामने आ सकें।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक एआई तकनीक के जरिए चिह्नित सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया जाएगा। धुर्वा इलाके में आने-जाने वाली बाइक और कारों की लिस्टिंग की जाएगी। एआई गाड़ियों को मॉडल और रंग के आधार पर शॉर्टलिस्ट करेगा।

यह भी पता लगाएगा कि कौन-सी गाड़ी सबसे ज्यादा और सबसे कम बार इलाके में नजर आई। एआई यह संकेत देगा कि कौन-सी गाड़ी धुर्वा मेन रोड से ब्रांच रोड की ओर गई। इन सभी तकनीकी संकेतों के आधार पर पुलिस संदिग्ध वाहनों और लोगों को शॉर्टलिस्ट कर मैनुअल सत्यापन करेगी।

बच्चों के परिजनों की आंखें अब भी पुलिस की ओर टिकी हैं। हर बीतता दिन उनके लिए एक लंबा इंतजार बनता जा रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एआई आधारित यह कदम जांच को निर्णायक मोड़ तक पहुंचा सकता है। तकनीक और मानवीय प्रयासों के मेल से जल्द ही कोई ठोस सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

रांची पुलिस का यह कदम न सिर्फ इस मामले में अहम माना जा रहा है, बल्कि झारखंड में हाईटेक पुलिसिंग की दिशा में भी इसे एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है। अब देखना यह है कि एआई की नजर से यह रहस्यमय अपहरण कब और कैसे बेनकाब होता है।

Ranchi Darpan / Mukesh bhartiy

वरीय पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। उनका उद्देश्य ताज़ा खबरें, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक ईमानदारी से पहुँचाना है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित राँची दर्पण (Ranchi Darpan) के माध्यम से वे राजधानी राँची और उसके आसपास से जुड़ी स्थानीय खबरें, प्रशासनिक मुद्दे एवं राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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