
रांची दर्पण डेस्क। नामकुम थाना क्षेत्र के हेसो गरुड़पीढ़ी स्थित सुदूर जंगली इलाके में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) की संयुक्त टीम ने बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग चार एकड़ वन भूमि में फैली अवैध अफीम (पोस्ता) की फसल को पहले ग्रास कटर मशीन से काटा गया और फिर ट्रैक्टर चलाकर पूरी तरह से विनष्ट किया गया। ये कार्रवाई स्थानीय वन अधिकारियों और कानून-व्यवस्था टीम के साथ मिलकर चलाए गए अभियान का हिस्सा थी।
अवैध अफीम की खेती को नशे के कारोबार का प्रमुख स्रोत माना जाता है। झारखंड समेत अन्य उत्तर-भारतीय राज्यों में पुलिस और सुरक्षा बल लंबे समय से ऐसे कृषि क्षेत्रों की पहचान कर उगने से पहले ही फसल नष्ट करने में जुटे हैं।
रांची समेत झारखंड के कई जिलो में इस तरह की कार्रवाई पिछले कुछ महीनों में व्यापक स्तर पर तेज़ हुई है, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स और पुलिस की संयुक्त टीमें दस से लेकर सैकड़ों एकड़ तक फैली अफीम की खेती को नष्ट कर चुकी हैं। उदाहरण के तौर पर हजारीबाग में लगभग 400 एकड़ तक अफीम फसल को नष्ट करने की बड़ी कार्रवाई की गई।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक और जिला प्रशासन लेबल पर पोस्ते की खेती के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ राज्य में 19,000 से अधिक एकड़ में अवैध पोस्ते की खेती को नष्ट किया जा चुका है और अब तक दर्ज मामलों में करीब 190 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
कानून-व्यवस्था विशेषज्ञ बताते हैं कि जंगल और पहाड़ी इलाके ऐसे अवैध खेती के लिए आसान ठिकाने बन जाते हैं जहां निगरानी कम होती है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि ग्रामीणों, पुलिस और वन विभाग के समन्वित प्रयासों से इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा रहा है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सतर्कता और बढ़ाई जा रही है।
स्रोतः रांची दर्पण डेस्क के लिए मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट





