
रांची दर्पण डेस्क। खूंटी जिले के जमुआदाग गांव में सात जनवरी को वेदेल संगा के पड़हा राजा सोमा मुंडा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को सीआइडी के एडीजी सह रांची प्रक्षेत्र के आइजी मनोज कौशिक स्वयं खूंटी पहुंचे और मामले की गहन समीक्षा की।
आइजी मनोज कौशिक ने खूंटी एसपी मनीष टोप्पो और विशेष जांच टीम (एसआइटी) के अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक हुई जांच की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। समीक्षा के दौरान अनुसंधान में लापरवाही उजागर होने पर खूंटी सदर थाना प्रभारी मोहन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि इस हत्याकांड में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आइजी ने एसआइटी को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि तकनीकी साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, आपसी रंजिश और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं पर समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। आइजी कौशिक ने स्पष्ट किया कि सात दिनों बाद वे स्वयं दोबारा मामले की समीक्षा करेंगे और प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खूंटी दौरे के दौरान आइजी मनोज कौशिक ने जमुआयदाग पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया तथा मृतक सोमा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है और उन्हें पूरा विश्वास है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
उधर पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आहूत खूंटी जिला बंद के बाद जिले की स्थिति सामान्य रही। दुकानें खुलीं, यातायात बहाल हुआ और लोग अपने रोजमर्रा के कामकाज पर लौटते नजर आए। विभिन्न सामाजिक और आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही पुलिस प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
फिलहाल पूरा जिला पुलिस की सघन छानबीन और प्रशासनिक हलचल का गवाह बना हुआ है। अब सभी की निगाहें एसआइटी की जांच और सात दिनों के भीतर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि पड़हा राजा सोमा मुंडा को कब और कैसे न्याय मिलता है।










