
रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची में अपराधियों को अवैध हथियार उपलब्ध कराने वाले गिरोह पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बिहार के कैमूर और मुंगेर जिलों से हथियार और कारतूस लाकर रांची के विभिन्न आपराधिक नेटवर्क तक सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में हथियार और गोलियां भी बरामद की हैं, जिससे शहर में किसी बड़ी वारदात की आशंका टल गई।
गिरफ्तार आरोपियों में हिंदपीढ़ी के बड़ी मस्जिद लेन निवासी मो. कबीर उर्फ बबलू उर्फ बोना, मौलाना आजाद कॉलोनी के आयशा नगर निवासी शाहनवाज आलम, इलाही बख्स कॉलोनी निवासी मो. सैफ उर्फ शेरा, विद्यानगर करम चौक निवासी अनुज ठाकुर और बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया निवासी अंकित कुमार शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से एक नाइन एमएम पिस्टल, एक अन्य पिस्टल, तीन देसी कट्टा, एक देसी रिवाल्वर और कुल 110 कारतूस बरामद किए हैं।
सिटी एसपी पारस कुमार राणा ने बताया कि रात करीब 10 बजे एसएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के बड़ी मस्जिद लेन रोड में कुछ अपराधी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी कोतवाली प्रकाश सोय और सदर डीएसपी संजीव बेसरा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम जैसे ही बड़ी मस्जिद लेन रोड पहुंची, पुलिस को देखते ही एक संदिग्ध भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे धर दबोचा। उसकी पहचान मो. कबीर उर्फ बबलू के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और 10 कारतूस से भरी मैगजीन बरामद की गई।
कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह विभिन्न इलाकों के अपराधियों से पैसा लेकर उन्हें हथियार सप्लाई करता था और इस धंधे में उसके अन्य साथी भी शामिल हैं। मो. कबीर की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर शाहनवाज आलम, मो. सैफ उर्फ शेरा, अनुज ठाकुर और अंकित कुमार को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार सबसे अधिक 77 कारतूस और एक देसी रिवाल्वर अनुज ठाकुर के घर से बरामद किए गए, जिसे उसने अलमीरा में छिपाकर रखा था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सिटी एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों और हथियारों की सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को राजधानी में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।










