All India Retired Railway Men’s Federation: 20वां महाधिवेशन सम्पन्न, पेंशन-स्वास्थ्य सुरक्षा की नई उम्मीद
Railway pensioners amplify demands on 8th Pay Commission and healthcare security at a grand event in Ranchi

रांची दर्पण डेस्क। ऑल इंडिया रिटायर्ड रेलवे मेंस फेडरेशन (All India Retired Railway Men’s Federation) दक्षिण पूर्व रेलवे रांची मंडल हटिया का 20वां महाधिवेशन 28 फरवरी 2026 को सामुदायिक भवन में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक औपचारिक अधिवेशन नहीं, बल्कि रेलवे पेंशनरों की मौजूदा चुनौतियों, आठवें वेतन आयोग की अपेक्षाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर मंथन का मंच साबित हुआ।
दीप प्रज्वलन से शुरुआत, अधिकारों की बुलंद आवाजः कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. सागर श्रीधर (केंद्रीय अध्यक्ष), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू तिर्की, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेश साहू तथा केंद्रीय उपाध्यक्ष जगजीत सिंह बहक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. सागर श्रीधर ने स्पष्ट कहा कि रेलवे पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए रेलवे बोर्ड के साथ सतत संवाद जारी है। उन्होंने विशेष रूप से आठवें वेतन आयोग के संदर्भ में पेंशन पुनरीक्षण, महंगाई राहत (DR) के समुचित समायोजन और पारिवारिक पेंशन में सुधार की मांगों को प्रमुखता से उठाया।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर गहन चर्चाः मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू तिर्की और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेश साहू ने रेलवे पेंशनरों के लिए चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, रेफरल व्यवस्था और अस्पतालों में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड और आपातकालीन उपचार प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए।
पेंशनरों की उम्मीद आठवां वेतन आयोगः महाधिवेशन का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आगामी आठवें वेतन आयोग को लेकर रणनीति तय करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि पेंशन निर्धारण में विसंगतियों को दूर किया जाए। न्यूनतम पेंशन को जीवन-यापन की वास्तविक लागत से जोड़ा जाए। वरिष्ठ पेंशनरों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक पहल होती है तो लाखों रेलवे पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा।
संगठनात्मक मजबूती पर जोरः रांची मंडल के सचिव चंचल सिंह ने संगठन की गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर श्रीमती जे.आर. सरेखा, हीचलाल जी, विंदेश्वरी प्रसाद, मोहम्मद सलीम, पी.के. डे, एन.आर. माझी, नवल प्रसाद, डी.के. पांडा, कृष्ण राव, एच.सी. मंडल, एस. मुखर्जी, एम.जेड. खान, नरेश लाल सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महासचिव एन.एल. कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
सामाजिक एकजुटता का संदेशः महाधिवेशन में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी रेलवे परिवार का संबंध समाप्त नहीं होता। पेंशनर न केवल अपने अधिकारों के लिए सजग हैं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता के माध्यम से नीतिगत बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। रेलवे पेंशनरों की आवाज अब संगठित और स्पष्ट है- सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित पेंशन और सुलभ स्वास्थ्य सेवा।
स्रोतः रांची दर्पण डेस्क







