यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में झारखंड के अन्य जिला अस्पतालों में भी ऐसी सुविधाएं शुरू की जा सकती हैं। रांची सदर अस्पताल का यह कदम राजधानी ही नहीं, पूरे झारखंड के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है…
रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची का सदर अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों की समय पर पहचान के लिए अत्याधुनिक PET-CT स्कैन जांच सुविधा अब जल्द ही यहां शुरू होने जा रही है।
यह सुविधा शुरू होने के बाद सदर अस्पताल पूर्वी भारत का पहला सरकारी अस्पताल बन जाएगा, जहां जिला स्तर पर इस उच्च स्तरीय जांच की उपलब्धता होगी। राज्य के हालिया बजट में भी PET-CT मशीनों की स्थापना पर जोर दिया गया है, जिससे इस पहल को नीतिगत मजबूती मिलती दिख रही है।
यह फैसला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित जिला अस्पताल प्रबंधन समिति (शासी निकाय) की बैठक में लिया गया। बैठक में अस्पताल को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा रोगी-अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी।
कम खर्च में कैंसर जांच अब रांची में ही होगीः PET-CT स्कैन कैंसर की पहचान, उसके फैलाव और उपचार की प्रगति की निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जांच मानी जाती है। अभी तक इस जांच के लिए मरीजों को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता था, जहां करीब ₹26,000 तक खर्च आता है।
सदर अस्पताल में यही जांच ₹18,500 में उपलब्ध होगी। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। तुलना करें तो हालिया CT/MRI सेवाओं में भी सदर अस्पताल ने निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दरें लागू की हैं।
आयुष्मान भारत योजना के लाभुकों के लिए यह जांच पूरी तरह निःशुल्क होगी, जबकि सामान्य मरीज CGHS दरों पर जांच करवा सकेंगे। इससे सरकार की सुलभ और समावेशी स्वास्थ्य सेवा की नीति को जमीन पर मजबूती मिलेगी।
PPP मॉडल से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूतीः इस सेवा का संचालन कृष्णा डायग्नोस्टिक द्वारा PPP (Public Private Partnership) मोड पर किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार लगभग 60 दिनों के भीतर यह सुविधा चालू हो जाएगी और 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इसी मॉडल पर सदर अस्पताल में CT स्कैन और MRI सेवाओं की शुरुआत पहले भी सफल रही है, जिससे मरीजों का भरोसा बढ़ा है।
महिलाओं के लिए विशेष राहत: मेमोग्राफी सुविधा शुरूः बैठक में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच के लिए अस्पताल में अब मेमोग्राफी सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। यह कदम खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकता है, क्योंकि प्रारंभिक स्क्रीनिंग से इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
अल्ट्रासाउंड दो पालियों में, मरीजों को कम होगी प्रतीक्षाः मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अल्ट्रासाउंड जांच अब दो पालियों में होगी। यह सेवा सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इससे लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय में कमी आएगी।
छह ओटी, वाई-फाई जोन और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाः सदर अस्पताल में अब छह ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह संचालन में आ चुके हैं। इसके साथ ही पूरा अस्पताल परिसर वाई-फाई जोन में तब्दील कर दिया गया है, जिससे ऑनलाइन रिपोर्टिंग, डेटा अपलोडिंग और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी।
ब्लॉक स्तर से रक्त नमूना संग्रह की व्यवस्थाः बैठक में यह भी तय हुआ कि अब प्रखंड स्तर से रक्त नमूनों का सुरक्षित संग्रहण और सदर अस्पताल तक परिवहन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों के मरीजों को जांच के लिए बार-बार शहर आने की आवश्यकता कम होगी।
स्वास्थ्य सेवा में बदलाव का संकेतः यह पहल केवल एक मशीन लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह झारखंड की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी, कैंसर और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव होगी और गरीब मरीजों को बेहतर इलाज का रास्ता मिलेगा।


