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होटवार जेल में छापेमारी: पुलिस को मिली निराशा, खाली हाथ लौटी टीम

सुरक्षा के लिहाज से जेल प्रशासन ने पहले पुलिसकर्मियों की ही तलाशी ली। सुबह 4:30 बजे तलाशी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस टीम जेल के विभिन्न वार्डों और सेलों में पहुंची। इस दौरान सभी कैदियों को छापेमारी की भनक लग चुकी थी और वे जाग चुके थे…

रांची दर्पण डेस्क। राजधानी रांची अवस्थित होटवार जेल में आज तड़के सुबह एक बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया गया। रांची के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सुबह 4 बजे शुरू हुई इस छापेमारी ने जेल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मचा दिया। हालांकि लगभग ढाई घंटे तक चली इस तलाशी में पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।

सुबह 4:00 बजे रांची पुलिस की एक विशेष टीम, जिसका नेतृत्व उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) उत्कर्ष कुमार और सिटी पुलिस अधीक्षक (एसपी) पारस राणा कर रहे थे, होटवार जेल पहुंची। इस दल में दो डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर, बारह दारोगा और लगभग 100 पुलिसकर्मी शामिल थे। जेल के मुख्य द्वार पर पहुंचने के बाद पुलिस को गेट खुलने का इंतजार करना पड़ा। जेलर के आदेश पर सुबह 4:10 बजे गेट खोला गया, जिसके बाद पूरी टीम जेल परिसर में दाखिल हुई।

सुरक्षा के लिहाज से जेल प्रशासन ने पहले पुलिसकर्मियों की ही तलाशी ली। सुबह 4:30 बजे तलाशी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस टीम जेल के विभिन्न वार्डों और सेलों में पहुंची। इस दौरान सभी कैदियों को छापेमारी की भनक लग चुकी थी और वे जाग चुके थे।

पुलिस ने जेल के सभी वार्डों, सेलों और परिसर के अन्य हिस्सों की गहन तलाशी ली। प्रत्येक कैदी से पूछताछ की गई और उनकी व्यक्तिगत तलाशी भी ली गई। जेल परिसर के कोने-कोने की जांच की गई, जिसमें कैदियों के सामान, बिस्तर और अन्य संदिग्ध स्थानों को खंगाला गया। इसके बावजूद ढाई घंटे तक चली इस तलाशी में कोई भी आपत्तिजनक सामान जैसे कि नशीले पदार्थ, हथियार, अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद नहीं हुईं।

सुबह 6:30 बजे तलाशी अभियान समाप्त हुआ और पुलिस टीम को खाली हाथ जेल से बाहर निकलना पड़ा। जेल गेट के बाहर एसडीओ उत्कर्ष कुमार और सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में पूरी टीम ने एक सामूहिक तस्वीर खिंचवाई, जो सुबह 6:45 बजे रिकॉर्ड की गई। इसके बाद सभी पुलिसकर्मी और अधिकारी अपने-अपने कार्यस्थलों को लौट गए।

होटवार जेल में समय-समय पर ऐसी छापेमारी अभियान चलाए जाते हैं, ताकि जेल के अंदर किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों या प्रतिबंधित सामानों की मौजूदगी को रोका जा सके। इस बार की छापेमारी भी इसी दिशा में एक कदम थी। हालांकि इस बार पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी, ताकि जेल में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

जेल में ऐसी छापेमारी भविष्य में भी अचानक और बिना पूर्व सूचना के की जाएगी। इसका मकसद जेल के अंदर किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर नकेल कसना और कैदियों के बीच अनुशासन बनाए रखना है। साथ ही जेल प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों को और प्रभावी बनाने के लिए और भी सख्त कदम उठाए जाएं।

हालांकि छापेमारी की खबर जेल परिसर में फैलते ही कुछ देर के लिए कैदियों में हड़कंप मच गया। लेकिन जेल प्रशासन और पुलिस की सख्ती के चलते स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। स्थानीय लोगों  एवं मीडिया में भी इस छापेमारी की  खूब चर्चा रही।

Ranchi Darpan

वरीय पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय समाचारों पर गहरी समझ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। उनका उद्देश्य ताज़ा खबरें, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक ईमानदारी से पहुँचाना है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित राँची दर्पण (Ranchi Darpan) के माध्यम से वे राजधानी राँची और उसके आसपास से जुड़ी स्थानीय खबरें, प्रशासनिक मुद्दे एवं राजनीतिक विश्लेषण प्रस्तुत करते हैं। वे मानते हैं कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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