गुमनामी के अंधेरे में मनोरम पहाड़ियों से घिरे टोटी झरना-हथूवा दह जलप्रपात !

राँची दर्पण (एहसान राजा)। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर प्रखंड के चाडू पंचायत अंतर्गत रोहनडीह गांव में स्थित जलप्रपात की सुंदरता इन दिनों पूरे शबाब पर है।

लगभग 90 फीट ऊंची पहाड़ी से गिरते दूधिया पानी किसी को भी अपने वश में बांध लेता है। चट्टानों पर गिरती पानी की तेज धार देखने को मिलती है।

पहाड़ियों से घिरे इन जलप्रपात का असल स्वरूप बरसात में जिस तरह निखरता है। यह न केवल मनमोहक है, बल्कि देखने वाला एक बार अपनी सुध-बुध खो कर निहारने को मजबूर हो जाता है।

लेकिन सच पुछिए तो, यह जलप्रपात मनमोहक और खूबसूरत होने के बावजूद भी अपनी पहचान को मोहताज है। इसे प्रचारित करने, सैलानियों के दीदार के लिए अब तक न तो प्रशासन और न तो पर्यटन विभाग की तरफ से कोई प्रयास किया गया है।

नतीजतन ओरमांझी का यह ऊंचा जलप्रपात आज गुमनामी के अंधेरे में है। इसे विकसित किया जाए तो पर्यटन के लिहाज से ओरमांझी प्रखंड को एक नई पहचान निश्चित ही मिलेगी।

ओरमाँझी प्रखंड में वैसे तो प्रकृति के खूबसूरत नजारों की कोई कमी नहीं है। बावजूद इस जलप्रपात तक पहुंचने का रास्ता यदि सुगम बना दिया जाए। वह इस खूबसूरत स्थान का पर्यटन स्थल के रूप में विकास कर दिया जाए तो जिला में यह अपनी विशेष पहचान बना सकता है। कुछ दूरी तक रास्ता दुर्गम होने के कारण यह स्थान ज्यादातर लोगों की जानकारी से दूर है।

कैसे पहुंचे जलप्रपातः  रांची रामगढ़ मार्ग पर ओरमांझी चौक से सिकिदिरी- गोला जाने वाले सड़क से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर यह जलप्रपात है।

इस जलप्रपात में जाने के लिए सिकीदिरी गोला के बक्सीडीह मोड़ के पास से आसानी से जाया जा सकता है। इस फॉल पर सड़क मार्ग से गांव तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस जलप्रपात में गूंगा नाला का भी पानी बहती है।

एक नज़र