Saturday, April 17, 2021

झारखण्ड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की करोड़ों की लागत से बनी सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र सरकार की लापरवाही से पड़ी सुनसान

झारखण्ड राज्य ग्रामोद्योग बोर्ड की कूल यूनिट और करोड़ों की फंडिंग से सरकार अनजान

ओरमांझी (एहसान राजा)। राजधानी रांची से 40 किलोमीटर दूर अनगड़ा प्रखण्ड के सुदरवर्ती क्षेत्र के बरवादाग पंचायत में क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने व क्षेत्र से पलायन रोकने के लिए झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड झारखंड की बेहतर पहल द्वारा करोड़ों की लागत से बनी विभिन्न तरह का रेडीमेड गारमेंट सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र, सूत्र कताई  सह उत्पादन केंद्र, मधुमक्खी पालन सह मधु उत्पादन प्रशिक्षण, केंद्र लाह चूड़ी प्रशिक्षण सहउत्पादन केंद्र, टेराकोटा प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 24 मार्च 2018 को उद्धाटन किया था।

उद्धाटन और रोजगार की नाम से बनी सिर्फ प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र सपना ही रह गई। उद्धाटन के बाद ज्यादा दिन नही चला 4 महीना होते ही ग्रामोद्योग सेंटर ने दम तोड़ दिया। पिछले रघुवर सरकार द्वारा 150 लोगों को रोजगार से जोड़ा गया था मगर गठबंधन सरकार आते ही प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र खंडहर का रूप धारण कर लिया। मधुमखी पालन के लिए दिए गए बक्से सड़ने के कगार पर है।

अनगड़ा  प्रखंड के खादी कार्यकर्त्ता मुस्तफा अंसारी ने पहल कर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र को पुनः खोलने व  जिन लोगों का भुगतान बकाया है वो सबको भुगतान दिलाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। अनगड़ा प्रखंड का बरवादाग पंचायत के लोगों का आर्थिक स्थिति ठीक नही है अत्यंत गरीबी की जिंदगी जी रहे हैं। पत्ता चुन कर किसी तरह जिंदगी गुजर बसर कर रहे है। वर्तमान सरकार को यह भी पता नहीं है कि झारखंड के किस कोने में रोजगार के साधन मुहैया कराया जाए  एवं उसका उपयोग कैसे करें।

सरकार को पता भी नहीं की झारखण्ड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का पूरा कितना यूनिट झारखण्ड में मौजूद है और कितना की लागत से बनी हुई है। ग्रामोद्योग बोर्ड में फंडिंग करोड़ों की होती है। हेमंत सरकार अगर चाहती तो करोना काल में बंद पड़ा ग्रामोद्योग बोर्ड सेंटर का उपयोग बेहतर तरीके से कर सकती थी मास्क बनाकर लोगों को रोजगार से जोड़ सकते थे।

क्षेत्र के वरिष्ट समाज सेवी मुस्तफा अंसारी ने बताया कि वर्तमान में इस सेंटर के प्रति गंभीता पूर्वक घ्यान देनी की आवश्यकता है, ताकि कोरोना काल मे उतपन्न बेरोजगारी दूर हो सकें और दूसरे राज्यो से गांव लौट लोगो का रोजगार मुहैया हो सकें। सरकार राष्ट्रपिता गांधी जी के सपनों को साकार करे। गांधी जी ने खादी अपनाओ विदेशी हटाओ का नारा दिया था इस दिशा में काम करे।

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