दिनभर में नहीं हो सका सत्यापन तो ओरमाँझी एफसीआई गोदाम को सील कर लौटी रांची आयुक्त की जांच टीम

रांची दर्पण (मोहसिन)। राजधानी रांची जिले के ओरमांझी प्रखण्ड के जनप्रतिनिधियों और प्रवासी मजदूरों की शिकायत पर जिला आपूर्ति विभाग रांची की टीम ने रविवार को जांच करने ओरमांझी स्थित एफसीआई गोदाम पहुंची।

इस दौरान जांच टीम ने गोदाम का भौतिक सत्यापन किया। जांच का काम दिन भर जारी रहा। लेकिन शाम होने के कारण जांच का काम अधूरा रहा।

जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में टीम में शामिल अधिकारियों ने गोदाम को सील कर दिया। सोमवार को गोदाम का पुनः भौतिक सत्यापन  किया जाएगा।

रविवार को जांच के दौरान ओरमांझी प्रखंड प्रमुख बुधराम बेदिया,झारखंड भ्रष्टाचार मुक्ति संघ के अध्यक्ष मंसू महतो, रामनंदन महतो तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा महिला मोर्चा की नेत्री सुधा देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।

दरअसल, ओरमांझी के प्रवासी मजदूरों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी ओरमांझी से शिकायत की थी कि उन्हें सरकारी प्रावधान के तहत अनाज नहीं मिल रहा है। इसी के आलोक में प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार अभिनव स्वरूप ने संबंधित जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों को कार्यालय बुलाकर फटकार लगाई थी।

इसके बाद जन प्रतिनिधियों ने भी मामले की गंभीरता को लेते हुए इसकी शिकायत रांची के उपायुक्त तथा जिला आपूर्ति पदाधिकारी से भी की गई थी।

इसी के आलोक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी शब्बीर अहमद के नेतृत्व में आपूर्ति विभाग की टीम ने ओरमांझी के कइ दुकानों का निरीक्षण किया था।

जांच के दौरान ही खुलासा हुआ कि ओरमांझी एफसी आई गोदाम के सहायक प्रबंधक शमीम खान ने भारी पैमाने पर प्रवासी मजदूरों के अनाज का गबन कर गोदाम में ही रख ही रख लिया है।

सूत्रों के अनुसार इसकी मात्रा 500 क्विंटल बताई जा रही है। इसी के तहत गोदाम का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

जांच टीम में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी राकेश कुमार वर्मा, रविन्द्र सिंह, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

इधर, ओरमांझी प्रखंड के प्रमुख बुधराम बेदिया ने कहा कि गरीबों का अनाज वितरण में अनियमितता और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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